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Nifty क्या है और ये Sensex से कैसे अलग है?

Category : SHARE MARKET |
Gayatri Verma

What-is-Nifty

हेल्लो दोस्तों, आज मै आपको अपने इस पोस्ट मे NIFTY के बारे मे बताने जा रही हूँ। इससे पहले कि पोस्ट मे मैने आपको share market के बारे मे बताया कि आप कैसे share market मे invest कर सकते है, demat account के बारे मे जानकारी दी और Sensex को लेकर भी आपको कुछ जरुरी बाते बताई।

अब आपको NIFTY के बारे मे जानना भी बहुत जरुरी है कि ये NIFTY क्या है? और कैसे काम करता है, इसका ह्मारी जिंदगी पर क्या असर पड़ता है? NIFTY, Sensex से कैसे अलग होती है?

आपके मन मे NIFTY को लेकर जो भी सवाल होंगे उसके उत्तर आपको इस पोस्ट मे जरुर ही मिल जाएँगे, जिसके लिये आपको मेरे इस पोस्ट को लास्ट तक पढ़ना है। तो चलिये मै बताना शुरु करती हूँ कि NIFTY क्या है?

 

NIFTY क्या है? What is Nifty

अकसर आपने न्यूज़ channels और newspapers पर निफ्टी के बारे मे सुना ही होगा। Nifty Ki Full Form – “National Stock Exchange Fifty” होती है। ये share market का एक index होता है जिसमें 50 कंपनियां शामिल होती है।

निफ्टी में आमतौर पर 50 स्टॉक होते हैं लेकिन अभी इसमें 51 स्टॉक हैं। इससे Nifty 50 भी बोलते है 

ये सभी 50 कंपनियां देश के अलग अलग 12 सेक्टर से चुनी जाती है। सेंसेक्स की ही तरह ही निफ्टी के घटने बड़ने से बाज़ार के रुख का पता चलता है कि बाज़ार मे मंदी है या ते़जी। भारत के share बाज़ार के index nifty कि शुरुआत 1994 मे हुई थी।

जैसे कि आपको हमने बताया ही है कि भारत मे 2 stock exchange के index है BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्स्चेंज) एंड NSE (नेशनल स्टॉक एक्स्चेंज) निफ्टी NSE का ही index है। निफ्टी मे शामिल होने वाली 50 कंपनियों क index share market के उछाल और गिरावट को दर्शाता है।

ये कंपनिया देश के कई sector जैसे – information technology, financial services, consumer goods, entertainment and media, financial services, metals, pharmaceuticals, telecommunications, cement and its products, automobiles, pesticides and fertilizers, energy, इत्यादि जगहों से आती है।

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Source: Google

इसका मालिकाना हक़ India Index Services and Products  (IISL) के पास है, जो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।

जैसे ही index मे तेजी आती है तो ये एक अच्छी economy कि और संकेत करता है और वही जब इसमें गिरावट आती है तो economy मे भी मंदी आ जाती है। निफ्टी index बाज़ार की स्थिति को दर्शाने का एक index है जिससे market के रुझान क पता चलता है। 

 

निफ्टी मे शेयरों को कैसे count किया जाता है?

निफ्टी मे शेयरों को count या उसकी गणना करने के लिये निफ्टी मे शामिल सभी 50 कंपनियों के शेयरों का market capitalisation किया जाता है। इनका capitalisation पुरी मार्केट क 60% होता है और इसकी गणना भी सेंसेक्स की भांति floating capitalisation के methodology द्वारा किया जाता है।

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>  Sensex kya hai 

Share Market Kya Hai

 

किसी भी कंपनी के capitalisation क वो भाग जो पब्लिक के trading के लिये मार्केट मे होता है उसे ही free floating capitalisation​ कहते है। 

  • निफ्टी का आधार वर्ष 1995 है,
  • इसका भी आधार अंक 1000 ही माना गया है,
  • निफ्टी की गणना इसमें जुड़े 50 कंपनियों के शेयर के आधार पर की जाती है,
  • 24 टॉप सेक्टर से 50 टॉप शेयरों को चुना जाता है,
  • और इन 50 शेयर यानि 50 कंपनियों का चुनाव BSE के process से select की जाती है।

The formula for calculating price index is listed below –

Index value = Current MV or market value / (Base Market Capital * 1000)

 

निफ्टी और सेंसेक्स मे क्या अंतर है 

निफ्टी और सेंसेक्स दोनो ही भारत के बाज़ार की स्थिति को दर्शाते है। दोनो कि स्थिति से भारत के बाज़ार मे मंदी और तेजी क पता चलता है लेकिन इसके अलावा इनमें कुछ अंतर भी है। 

  • जैसे कि मैंने बताया ही है निफ्टी national stock exchange का index है जबकि सेंसेक्स Bombay stock exchange का।
  • सेंसेक्स के index मे 30 कंपनियों को शामिल किया जाता है तो वही निफ्टी मे 50 कंपनियों को शामिल किया जाता है।
  • सेंसेक्स का आधार वर्ष 1979 है तो निफ्टी क 1995 है।
  • सेंसेक्स क आधार अंक 100 है तो निफ्टी क 1000 है।

 

निफ्टी के फायेदे-

  • निफ्टी से हमें देश कि economy के बारे मे पता चलता है कि ह्मारी economy मे क्या चल रहा है, economy मे कब तेजी है और कब मंदी है।
  • बाज़ार मे होने वाली तेजी और मंदी और उन कम्पनियो के लाभ और घाटे क पता चलता है।
  • अगर निफ्टी मे listed 50 कम्पनियो के shares के भाव मे तेजी आती है तो कम्पनी अपना businessभी enhance करती है जिससे बहुत से लोगो को रोजगार मिलता है।
  • Shares के भाव बड़ने से भारत की economy मज़बूत होती है जिससे पैसा भी मज़बूत हो जाता है। 
  • रुपया मज़बूत होने से देश मे समान के भाव कम हो जाते है, साथ ही ह्मे बाहर से जो माल ह्म import करते है वो भी सस्ता मिल जाता है। 

 

आपने आज क्या सीखा 

तो इस पोस्ट मे हमने जाना कि share market मे निफ्टी का क्या role होता है इनमें कौनसी कंपनियां listed होती है। निफ्टी मे शेयर के गिरने और बड़ने से हमारी  economy पर क्या effect पड़ता है।

निफ्टी सेंसेक्स मे क्या अंतर है। इन सब की जानकारी मैने अपने पोस्ट मे आपको दी। इसके बाद भी आपके मन मे निफ्टी या सेंसेक्स को लेकर कोई भी सवाल है तो आप comment करके पूछ सकते है। उम्मीद है आपको ये पोस्ट भी बहुत ही पसंद आयी होगी

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Gayatri Verma
इन्टरनेट से जुडी काफी जानकारियां जिन्हें आपके लिए जानना जरुरी हैं उन्हें पढ़िए hindipulse
hindi pulse
Deepak
at 2020-07-04 03:05:59

Nice

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